महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा चलाया जा रहा लखपति दीदी अभियान 2026 में और तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को बिना ब्याज या बेहद कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें।
क्या है लखपति दीदी अभियान?
यह पहल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है। इसका लक्ष्य महिलाओं की वार्षिक आय को ₹1 लाख या उससे अधिक तक पहुंचाना है, ताकि वे “लखपति दीदी” बन सकें।
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योजना के मुख्य लाभ
- बिना ब्याज या सब्सिडी युक्त ऋण सुविधा
- स्वयं सहायता समूह (SHG) के माध्यम से फंडिंग
- कौशल प्रशिक्षण और बिजनेस मार्गदर्शन
- स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने में सहायता
इस योजना का लाभ वे महिलाएं ले सकती हैं:
- जो स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हों
- ग्रामीण या निम्न आय वर्ग से आती हों
- छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहती हों (जैसे डेयरी, सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प आदि)
- अपने क्षेत्र के स्वयं सहायता समूह से जुड़ें
- ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय में संपर्क करें
- जरूरी दस्तावेज (आधार, बैंक खाता, समूह पंजीकरण) जमा करें
- प्रशिक्षण और स्वीकृति के बाद ऋण वितरण
कितना मिल सकता है ऋण?
ऋण राशि राज्य और परियोजना के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। कई मामलों में ₹1 लाख या उससे अधिक तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है, जिससे महिलाएं अपना कारोबार शुरू कर सकें।
लखपति दीदी अभियान 2026 महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है। बिना ब्याज ऋण और प्रशिक्षण सुविधा से महिलाएं अपने सपनों का व्यवसाय शुरू कर सकती हैं और परिवार की आय बढ़ा सकती हैं।