शेयर बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव के बीच टॉप-10 कंपनियों के मार्केट कैप में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों के अनुसार 10 में से 6 बड़ी कंपनियों की वैल्यू में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है। खासकर आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियां Tata Consultancy Services (TCS) और Infosys को बड़ा झटका लगा है। दूसरी ओर बैंकिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी State Bank of India (SBI) ने मजबूती दिखाते हुए फायदे में जगह बनाई है।
मार्केट कैप में गिरावट का मुख्य कारण ग्लोबल संकेत, आईटी सेक्टर में कमजोर मांग और विदेशी निवेशकों की बिकवाली को माना जा रहा है। TCS और Infosys जैसी कंपनियों की वैल्यू घटने से आईटी इंडेक्स पर दबाव बढ़ा है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में आईटी खर्च कम होने की आशंका का असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा है। इसके चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे शेयर कीमतों में गिरावट आई और कुल बाजार पूंजीकरण घटा।
वहीं दूसरी ओर SBI ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए निवेशकों का भरोसा जीता है। बैंकिंग सेक्टर में मजबूत लोन ग्रोथ, एनपीए में सुधार और ब्याज दरों के अनुकूल माहौल का फायदा SBI को मिला है। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद SBI के शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जिससे उसका मार्केट कैप बढ़ा और वह फायदे में रहने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में यह गिरावट अस्थायी हो सकती है, क्योंकि लंबी अवधि में मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियां वापसी कर सकती हैं। निवेशकों को घबराने के बजाय अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए और लंबी अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए। आईटी सेक्टर में फिलहाल दबाव बना रह सकता है, जबकि बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में स्थिरता दिख रही है।
कुल मिलाकर, Market Cap Update से साफ है कि बाजार में सेक्टर आधारित बदलाव तेज हो रहे हैं। जहां TCS और Infosys जैसी दिग्गज कंपनियों को झटका लगा है, वहीं SBI ने मजबूती दिखाकर निवेशकों को राहत दी है। आने वाले हफ्तों में ग्लोबल संकेत और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।