Aadhaar Alert : बदल गया बायोमेट्रिक अपडेट सिस्टम, जानिए नए नियम , बायोमेट्रिक अपडेट सिस्टम में क्या हुआ बड़ा बदलाव

आधार धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है, जिसके तहत बायोमेट्रिक अपडेट से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। UIDAI द्वारा समय-समय पर आधार सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया जाता है, और 2026 में लागू नई व्यवस्था का मकसद भी यही है कि आधार डेटा अधिक सुरक्षित और सटीक रहे। अब फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो अपडेट की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सत्यापित बनाया जा रहा है, ताकि फर्जीवाड़े और पहचान संबंधी गलतियों पर रोक लग सके। पहले कई लोग लंबे समय तक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराते थे, जिससे ऑथेंटिकेशन फेल होने की समस्या आती थी। नए नियमों के बाद ऐसे मामलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और उन लोगों के लिए जिनके फिंगरप्रिंट बदल चुके हैं, समय पर अपडेट कराना और भी जरूरी हो गया है।

किन लोगों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य हो सकता है

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार कुछ श्रेणी के आधार धारकों को बायोमेट्रिक अपडेट कराने की सलाह दी जा रही है। इसमें 5 साल और 15 साल की उम्र पूरी कर चुके बच्चे प्रमुख रूप से शामिल हैं, क्योंकि इन उम्र चरणों पर बायोमेट्रिक डेटा में बदलाव स्वाभाविक माना जाता है। इसके अलावा बुजुर्ग नागरिक, मजदूरी या मेहनत वाले काम करने वाले लोग और वे व्यक्ति जिनके आधार ऑथेंटिकेशन बार-बार फेल हो रहे हैं, उन्हें भी अपडेट कराने की जरूरत पड़ सकती है। UIDAI यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं में आधार वेरिफिकेशन बिना रुकावट के हो। अगर किसी व्यक्ति का बायोमेट्रिक बहुत पुराना है या बार-बार मैच नहीं हो रहा, तो भविष्य में सेवाएं लेने में परेशानी आ सकती है। इसलिए समय रहते अपडेट कराना सुरक्षित और फायदेमंद कदम माना जा रहा है।

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बायोमेट्रिक अपडेट की नई प्रक्रिया कैसे करें

आधार बायोमेट्रिक अपडेट पूरी तरह से ऑफलाइन प्रक्रिया है और इसे केवल अधिकृत आधार सेवा केंद्र या नामांकन केंद्र पर जाकर ही कराया जा सकता है। सबसे पहले नजदीकी आधार सेवा केंद्र का पता UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट या mAadhaar ऐप से लगाया जा सकता है। केंद्र पर जाने के बाद आधार नंबर देकर बायोमेट्रिक अपडेट का अनुरोध करना होता है, जहां ऑपरेटर आपकी फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन और नई फोटो कैप्चर करता है। इसके बाद एक अपडेट रिक्वेस्ट नंबर (URN) जारी किया जाता है, जिससे आप अपने अपडेट का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। कई मामलों में नाममात्र का शुल्क लिया जाता है, इसलिए आधिकारिक रसीद जरूर लें। अपडेट पूरा होने के बाद नया डेटा UIDAI के डेटाबेस में सुरक्षित रूप से अपडेट हो जाता है और भविष्य में ऑथेंटिकेशन अधिक स्मूथ हो जाता है।

अपडेट नहीं कराने पर क्या हो सकती है परेशानी

यदि आधार धारक लंबे समय तक अपना बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराते, तो उन्हें कई सेवाओं में दिक्कत आ सकती है। बैंकिंग ट्रांजैक्शन, सिम वेरिफिकेशन, सरकारी योजनाओं का लाभ और DBT भुगतान जैसे कामों में आधार ऑथेंटिकेशन फेल होने की शिकायतें बढ़ सकती हैं। खासकर बुजुर्गों और श्रमिक वर्ग के लोगों में फिंगरप्रिंट मैच न होने की समस्या अधिक देखी जाती है। ऐसे मामलों में बार-बार OTP या वैकल्पिक सत्यापन की जरूरत पड़ती है, जिससे प्रक्रिया धीमी हो जाती है। UIDAI का उद्देश्य लोगों को डराना नहीं बल्कि समय रहते अपडेट के लिए जागरूक करना है, ताकि भविष्य में सेवाएं लेने में रुकावट न आए। इसलिए यदि आपका बायोमेट्रिक कई साल पुराना है या ऑथेंटिकेशन में समस्या आ रही है, तो अपडेट कराना समझदारी भरा कदम है।

सुरक्षा और सावधानियां जो हर आधार धारक को जाननी चाहिए

बायोमेट्रिक अपडेट के साथ-साथ आधार सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना भी बेहद जरूरी है। हमेशा केवल अधिकृत आधार केंद्र पर ही अपडेट कराएं और किसी भी अनजान व्यक्ति या एजेंट को अपना आधार या बायोमेट्रिक डेटा साझा न करें। UIDAI कभी भी फोन या मैसेज के जरिए फिंगरप्रिंट या OTP नहीं मांगता, इसलिए ऐसे किसी भी कॉल से सावधान रहें। अपडेट के बाद mAadhaar ऐप या UIDAI पोर्टल पर अपना स्टेटस जरूर चेक करें और जरूरत हो तो बायोमेट्रिक लॉक सुविधा का उपयोग करें। नियमित रूप से मोबाइल नंबर अपडेट रखना भी जरूरी है ताकि किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत मिल सके। कुल मिलाकर नए बायोमेट्रिक अपडेट नियम आधार प्रणाली को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक अहम कदम माने जा रहे हैं, और समय पर अपडेट कराकर आप भविष्य की कई परेशानियों से बच सकते हैं।

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