APAAR ID Update : आधार न होने से 30 लाख बच्चों का अपार आईडी रुका, जानें क्या है पूरा मामला

देशभर में छात्रों के लिए बनाई जा रही APAAR ID (Automated Permanent Academic Account Registry) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। खबरों के मुताबिक, आधार लिंक न होने के कारण लगभग 30 लाख बच्चों की अपार आईडी जारी होने की प्रक्रिया अटक गई है। इससे स्कूलों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ी है।

क्या है APAAR ID?

APAAR ID शिक्षा मंत्रालय की पहल के तहत प्रत्येक छात्र को एक यूनिक अकादमिक आईडी देने की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड — जैसे मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट और अन्य उपलब्धियों — को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखना है। यह आईडी भविष्य में स्कूल बदलने या उच्च शिक्षा में प्रवेश के दौरान काम आती है।

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आधार लिंक क्यों है जरूरी?

सरकार का कहना है कि छात्रों की पहचान सत्यापित करने और डुप्लीकेट रिकॉर्ड से बचने के लिए आधार आधारित सत्यापन जरूरी है। बिना आधार नंबर के कई छात्रों की APAAR ID जनरेट नहीं हो पा रही है, जिससे प्रक्रिया रुकी हुई है।

  • डुप्लीकेट रिकॉर्ड से बचाव
  • डिजिटल सत्यापन आसान
  • राष्ट्रीय स्तर पर एक समान डेटा सिस्टम

किन छात्रों पर असर?

मुख्य रूप से वे छात्र जिनके पास अभी आधार कार्ड नहीं है या जिनका आधार स्कूल रिकॉर्ड से लिंक नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे बच्चों में आधार पंजीकरण की कमी के कारण अधिक प्रभाव देखने को मिला है।

अभिभावक क्या करें?

  1. बच्चे का आधार कार्ड बनवाएं (यदि नहीं बना है)
  2. स्कूल में आधार विवरण सही से जमा करें
  3. नाम, जन्मतिथि और अन्य जानकारी आधार से मैच कराएं
  4. स्कूल प्रशासन से APAAR ID की स्थिति की पुष्टि करें

यदि जानकारी में अंतर है, तो पहले आधार में सुधार करवाना जरूरी है, वरना APAAR ID बनने में देरी हो सकती है।

क्या बिना आधार APAAR ID संभव है?

कुछ मामलों में वैकल्पिक पहचान के आधार पर अस्थायी व्यवस्था की चर्चा जरूर हुई है, लेकिन फिलहाल आधार आधारित सत्यापन को प्राथमिकता दी जा रही है। इस पर अंतिम दिशा-निर्देश संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी किए जाएंगे।

निष्कर्ष

APAAR ID Update के अनुसार आधार लिंक न होने से लाखों छात्रों की आईडी प्रक्रिया रुकी हुई है। अभिभावकों को जल्द से जल्द आधार पंजीकरण और लिंकिंग सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि बच्चों के शैक्षणिक रिकॉर्ड में कोई बाधा न आए। आधिकारिक सूचना पर नजर रखना और स्कूल से संपर्क बनाए रखना सबसे जरूरी कदम है।

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