कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) से जुड़े लाखों पेंशनर्स के लिए 2026 में एक बार फिर उम्मीदें बढ़ गई हैं। देशभर के रिटायरी संगठनों और पेंशनर्स यूनियनों ने न्यूनतम मासिक पेंशन बढ़ाने की मांग को तेज कर दिया है। वर्तमान में कई लाभार्थियों को बेहद कम पेंशन मिल रही है, जिसे बढ़ाकर सम्मानजनक स्तर पर लाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। पेंशनर्स का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए मौजूदा राशि पर्याप्त नहीं है। हाल के महीनों में इस मुद्दे को लेकर सरकार और संबंधित मंत्रालयों तक कई ज्ञापन भेजे गए हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक अंतिम घोषणा नहीं हुई है, लेकिन चर्चाओं और बैठकों के चलते उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में इस पर सकारात्मक फैसला लिया जा सकता है।
सरकार और EPFO का क्या है रुख
सरकार और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) समय-समय पर EPS-95 पेंशन ढांचे की समीक्षा करते रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पेंशन बढ़ोतरी का फैसला कई वित्तीय और एक्ट्यूअरियल पहलुओं को ध्यान में रखकर ही लिया जा सकता है। पेंशन राशि बढ़ाने से फंड पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, इसलिए किसी भी संशोधन से पहले दीर्घकालिक स्थिरता पर विचार जरूरी होता है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित विभागों में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श जारी है और पेंशनर्स की मांगों को नोट किया गया है। हालांकि अभी तक न्यूनतम पेंशन बढ़ाने को लेकर कोई अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार राजकोषीय स्थिति और सामाजिक सुरक्षा को संतुलित करने का रास्ता निकालती है, तो भविष्य में कुछ राहत मिल सकती है।
पेंशनर्स को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
EPS-95 के लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी आधिकारिक घोषणा के लिए केवल EPFO या श्रम मंत्रालय की वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों से भ्रम की स्थिति बन सकती है। यदि पेंशन बढ़ोतरी से जुड़ा कोई फैसला लिया जाता है, तो इसकी जानकारी आधिकारिक सर्कुलर के माध्यम से दी जाएगी। इसके अलावा पेंशनर्स को अपने KYC, बैंक विवरण और जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) जैसी औपचारिकताओं को समय पर अपडेट रखना चाहिए ताकि भुगतान में कोई रुकावट न आए। कुल मिलाकर 2026 में EPS-95 न्यूनतम पेंशन बढ़ने को लेकर उम्मीद जरूर बनी हुई है, लेकिन अंतिम फैसला सरकार की समीक्षा और वित्तीय आकलन पर ही निर्भर करेगा।
संभावित बढ़ोतरी से किसे मिलेगा फायदा
यदि भविष्य में न्यूनतम पेंशन में वृद्धि होती है तो इसका सीधा लाभ उन लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलेगा जो अभी कम राशि पर गुजारा कर रहे हैं। विशेष रूप से निजी क्षेत्र के पुराने कर्मचारियों और निम्न वेतन वर्ग के पेंशनर्स को इससे राहत मिल सकती है। पेंशन बढ़ने से उनकी मासिक आय में सुधार होगा और स्वास्थ्य, दवा तथा रोजमर्रा के खर्चों को संभालना आसान हो सकता है। हालांकि अंतिम लाभ और नई राशि का निर्धारण सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल यह मुद्दा नीति-निर्माताओं के विचाराधीन है और पेंशनर्स की निगाहें आने वाले निर्णय पर टिकी हुई हैं।
आगे क्या देखें पेंशनर्स
आने वाले महीनों में बजट घोषणाएं, श्रम मंत्रालय की बैठकें और EPFO बोर्ड की सिफारिशें इस विषय की दिशा तय कर सकती हैं। यदि सरकार सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाती है, तो EPS-95 पेंशन में संशोधन संभव हो सकता है। तब तक पेंशनर्स को धैर्य रखने और आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है। यह मुद्दा लाखों परिवारों से जुड़ा है, इसलिए कोई भी निर्णय व्यापक वित्तीय समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग चर्चा में जरूर है, लेकिन अंतिम फैसला आने तक इसे संभावित ही माना जा रहा है।
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