प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना देश की उन प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को धुएं से मुक्त स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है। सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मुफ्त या सब्सिडी वाला LPG गैस कनेक्शन दिया जाता है, जिससे उन्हें लकड़ी, कोयला या उपले जैसे पारंपरिक ईंधन पर निर्भर नहीं रहना पड़े। वर्ष 2026 में एक बार फिर से उज्ज्वला योजना के तहत नए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होने की खबर ने करोड़ों परिवारों को राहत दी है। इस योजना का मुख्य फोकस ग्रामीण और गरीब शहरी परिवारों पर है, खासकर उन महिलाओं पर जिनके नाम से पहले कोई गैस कनेक्शन नहीं है। योजना के तहत सिलेंडर, रेगुलेटर और कनेक्शन से जुड़ी प्रारंभिक लागत में बड़ी राहत मिलती है, जिससे गरीब परिवार भी आसानी से LPG का उपयोग शुरू कर सकें और उनके स्वास्थ्य तथा जीवन स्तर में सुधार हो सके।
रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप
PM उज्ज्वला योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को पहले से काफी सरल बना दिया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र परिवार इसका लाभ उठा सकें। आवेदन करने के लिए सबसे पहले लाभार्थी को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह पात्रता मानदंडों को पूरा करता है, जैसे कि परिवार का नाम SECC डेटा या निर्धारित श्रेणी में होना और आवेदक महिला के नाम से कोई सक्रिय LPG कनेक्शन न होना। इसके बाद आवेदक ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकता है। ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक LPG कंपनी की वेबसाइट या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का उपयोग किया जा सकता है, जहां आधार नंबर, बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर और पते की जानकारी भरनी होती है। ऑफलाइन आवेदन के लिए नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर फॉर्म जमा किया जा सकता है। आवेदन सत्यापन के बाद पात्र पाए जाने पर गैस कनेक्शन जारी कर दिया जाता है और कई मामलों में पहली रिफिल पर भी सब्सिडी या सहायता मिलती है।
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत
उज्ज्वला योजना के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखना बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि आवेदन प्रक्रिया में देरी न हो। आम तौर पर आधार कार्ड पहचान और पते के प्रमाण के रूप में अनिवार्य माना जाता है। इसके अलावा बैंक पासबुक या जन धन खाता विवरण जरूरी होता है, क्योंकि सब्सिडी की राशि सीधे खाते में ट्रांसफर की जाती है। राशन कार्ड या परिवार की पात्रता साबित करने वाला दस्तावेज भी मांगा जा सकता है। आवेदक महिला की पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर भी आवश्यक होते हैं ताकि आवेदन की स्थिति और OTP वेरिफिकेशन पूरा किया जा सके। कुछ मामलों में स्व-घोषणा पत्र (Self Declaration) भी भरना पड़ता है कि परिवार में पहले से कोई LPG कनेक्शन नहीं है। सही और स्पष्ट दस्तावेज जमा करने से कनेक्शन मिलने की प्रक्रिया तेज हो जाती है और रिजेक्शन की संभावना कम रहती है।
योजना के फायदे और कितनी मिलेगी सब्सिडी
PM उज्ज्वला योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन सुलभ और किफायती बनता है। पारंपरिक चूल्हे के धुएं से होने वाली बीमारियों का खतरा कम होता है, जिससे खासकर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है। सरकार समय-समय पर LPG सिलेंडर पर सब्सिडी भी देती है, जिससे रिफिल की लागत कम हो जाती है। कई राज्यों में अतिरिक्त राज्य स्तरीय सहायता भी दी जाती है, जिससे लाभ और बढ़ जाता है। इसके अलावा डिजिटल भुगतान और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के कारण सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। उज्ज्वला कनेक्शन मिलने के बाद लाभार्थी सामान्य उपभोक्ताओं की तरह गैस बुकिंग, होम डिलीवरी और ऑनलाइन पेमेंट जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकता है।
आवेदन से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
उज्ज्वला योजना का लाभ लेने से पहले आवेदकों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले केवल आधिकारिक गैस एजेंसी, सरकारी पोर्टल या CSC केंद्र के माध्यम से ही आवेदन करें और किसी भी अनधिकृत एजेंट या फर्जी कॉल से सावधान रहें। आवेदन फॉर्म में दी गई जानकारी आधार और बैंक विवरण से मेल खानी चाहिए, अन्यथा सत्यापन में समस्या आ सकती है। मोबाइल नंबर सक्रिय रखें ताकि OTP और स्टेटस अपडेट मिलते रहें। यदि पहले से परिवार में LPG कनेक्शन मौजूद है तो नया उज्ज्वला कनेक्शन नहीं मिलेगा, इसलिए पात्रता की जांच पहले ही कर लें। अंत में, कनेक्शन मिलने के बाद सुरक्षित गैस उपयोग के नियमों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। कुल मिलाकर PM उज्ज्वला योजना 2026 गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में सरकार का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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