New Trading Time 2026 : 9 मार्च से देर रात तक होगी ट्रेडिंग, सर्कुलर जारी, जानें पूरा शेड्यूल

शेयर बाजार से जुड़े निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। 9 मार्च 2026 से ट्रेडिंग समय में बदलाव लागू किया जाएगा, जिसके तहत बाजार देर रात तक खुला रहेगा। इस संबंध में आधिकारिक सर्कुलर जारी कर दिया गया है, जिसमें नए ट्रेडिंग शेड्यूल की विस्तृत जानकारी दी गई है। अब तक इक्विटी बाजार निर्धारित समय के भीतर ही संचालित होते थे, लेकिन ग्लोबल मार्केट के साथ तालमेल और बढ़ती निवेशक भागीदारी को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा कदम उठाया गया है। नए टाइम टेबल का उद्देश्य विदेशी बाजारों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना और निवेशकों को अधिक अवसर प्रदान करना है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेडिंग समय बढ़ाने से उन निवेशकों को लाभ मिलेगा जो दिन में कामकाजी व्यस्तताओं के कारण सक्रिय रूप से ट्रेडिंग नहीं कर पाते थे। देर रात तक बाजार खुला रहने से वे वैश्विक संकेतों के आधार पर तुरंत निर्णय ले सकेंगे। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का प्रभाव भी उसी दिन ट्रेडिंग सत्र में समाहित किया जा सकेगा, जिससे अगले दिन के गैप-अप या गैप-डाउन की स्थिति कम हो सकती है।

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पूरा नया शेड्यूल और किन सेगमेंट पर होगा लागू

जारी सर्कुलर के अनुसार, नए ट्रेडिंग टाइम में अलग-अलग सेगमेंट के लिए विस्तारित समय निर्धारित किया गया है। इक्विटी, डेरिवेटिव्स और कमोडिटी सेगमेंट के लिए चरणबद्ध तरीके से समय बढ़ाया जाएगा। कुछ सेगमेंट में सुबह का समय यथावत रहेगा, जबकि क्लोजिंग टाइम को आगे बढ़ाया जाएगा ताकि देर रात तक ट्रेडिंग संभव हो सके। प्री-ओपन और पोस्ट-मार्केट सेशन की समयावधि में भी आवश्यक संशोधन किए गए हैं। इससे बाजार की लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है।

कमोडिटी और डेरिवेटिव्स सेगमेंट पहले से ही कुछ हद तक विस्तारित समय में संचालित होते रहे हैं, लेकिन अब इसे और सुव्यवस्थित किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत जोखिम प्रबंधन, क्लियरिंग और सेटलमेंट प्रक्रिया को भी अपडेट किया जाएगा ताकि बढ़े हुए समय के बावजूद सिस्टम सुचारू रूप से चलता रहे। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे अपने ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म पर नए समय की पुष्टि कर लें।

निवेशकों और बाजार पर संभावित असर

ट्रेडिंग समय बढ़ने से बाजार में वॉल्यूम और भागीदारी में वृद्धि हो सकती है। रिटेल निवेशकों के साथ-साथ संस्थागत निवेशकों को भी अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। लंबे समय तक खुले बाजार का मतलब है कि वोलैटिलिटी कुछ मामलों में बढ़ सकती है, खासकर जब वैश्विक बाजारों में अचानक उतार-चढ़ाव हो। हालांकि, इससे कीमतों की खोज (Price Discovery) प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और वास्तविक समय के करीब हो सकती है।

कुल मिलाकर, 9 मार्च से लागू होने वाला नया ट्रेडिंग टाइम भारतीय शेयर बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है। देर रात तक ट्रेडिंग की सुविधा से वैश्विक तालमेल मजबूत होगा, निवेशकों को अधिक लचीलापन मिलेगा और बाजार की गहराई बढ़ेगी। हालांकि शुरुआती दिनों में समायोजन की आवश्यकता होगी, लेकिन लंबी अवधि में यह कदम बाजार संरचना को अधिक आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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