बढ़ती शिक्षा लागत के बीच बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना हर माता-पिता की प्राथमिकता बन चुका है। ऐसे में State Bank of India (SBI) से जुड़ी चाइल्ड प्लान योजनाएं 2026 में भी अभिभावकों के लिए आकर्षक विकल्प बनी हुई हैं। SBI के तहत बच्चों की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए अलग-अलग निवेश और बीमा आधारित योजनाएं उपलब्ध हैं, जिनका उद्देश्य लंबी अवधि में एक सुरक्षित फंड तैयार करना है। इन योजनाओं में नियमित प्रीमियम या निवेश के माध्यम से एक निश्चित अवधि के बाद बड़ी राशि प्राप्त की जा सकती है, जिससे स्कूल, कॉलेज या प्रोफेशनल कोर्स की फीस का बोझ कम किया जा सके। खास बात यह है कि कई योजनाओं में लाइफ कवर भी शामिल होता है, जिससे अभिभावक की अनुपस्थिति में भी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो।
SBI चाइल्ड प्लान आमतौर पर 5 से 25 साल तक की लंबी अवधि के लिए लिया जा सकता है। निवेशक अपनी आय और लक्ष्य के अनुसार प्रीमियम राशि तय कर सकते हैं। कुछ योजनाएं गारंटीड रिटर्न देती हैं, जबकि कुछ मार्केट लिंक्ड होती हैं, जिनमें संभावित रिटर्न ज्यादा हो सकता है। योजना का चयन करते समय बच्चे की वर्तमान उम्र, उच्च शिक्षा का अनुमानित खर्च और परिवार की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।
कैसे काम करती है योजना और क्या मिलते हैं फायदे?
SBI Child Plan में अभिभावक एक निश्चित समय तक नियमित निवेश या प्रीमियम जमा करते हैं। मैच्योरिटी अवधि पूरी होने पर एकमुश्त राशि या चरणबद्ध भुगतान के रूप में धनराशि मिलती है, जिसे शिक्षा खर्च के लिए उपयोग किया जा सकता है। कई योजनाओं में यह सुविधा भी होती है कि यदि पॉलिसी धारक के साथ कोई अनहोनी हो जाए, तो भविष्य के प्रीमियम माफ कर दिए जाते हैं लेकिन बच्चे को निर्धारित लाभ मिलता रहता है। इससे बच्चे की पढ़ाई बीच में रुकने का खतरा कम हो जाता है।
इसके अलावा, आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत निवेश की गई राशि पर टैक्स छूट का लाभ भी मिल सकता है, जबकि मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि कुछ शर्तों के तहत कर मुक्त हो सकती है। इस तरह यह योजना न केवल शिक्षा सुरक्षा प्रदान करती है बल्कि टैक्स प्लानिंग में भी मददगार साबित हो सकती है। लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का लाभ मिलने से छोटी-छोटी बचत भी बड़ा फंड बना सकती है।
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
किसी भी चाइल्ड प्लान में निवेश करने से पहले उसकी शर्तें, रिटर्न संरचना, लॉक-इन अवधि और चार्जेस को ध्यान से समझना जरूरी है। यदि आप गारंटीड सुरक्षा चाहते हैं तो पारंपरिक प्लान बेहतर हो सकते हैं, जबकि उच्च रिटर्न की संभावना के लिए मार्केट लिंक्ड विकल्प चुने जा सकते हैं। साथ ही, केवल एक योजना पर निर्भर रहने के बजाय म्यूचुअल फंड SIP या अन्य बचत साधनों के साथ संतुलित पोर्टफोलियो बनाना भी समझदारी है।
कुल मिलाकर, SBI Child Plan 2026 उन माता-पिता के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है जो व्यवस्थित तरीके से बच्चे की उच्च शिक्षा के लिए फंड तैयार करना चाहते हैं। समय पर योजना बनाकर और नियमित निवेश जारी रखकर भविष्य की बड़ी फीस को आसान बनाया जा सकता है। सही योजना चयन और अनुशासित निवेश से बच्चे की पढ़ाई का खर्च अब बोझ नहीं बल्कि एक सुनियोजित लक्ष्य बन सकता है।