सरकार द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए नए नियम लागू करने की चर्चा तेज हो गई है। इन नियमों का उद्देश्य फेक न्यूज, आपत्तिजनक कंटेंट और साइबर अपराधों पर नियंत्रण करना बताया जा रहा है। यदि कोई प्लेटफॉर्म निर्धारित गाइडलाइन्स का पालन नहीं करता, तो उस पर कार्रवाई या प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
किन प्लेटफॉर्म्स पर हो सकता है असर?
- फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे बड़े सोशल नेटवर्क
- वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म
- मैसेजिंग ऐप्स
- शॉर्ट वीडियो और लाइव स्ट्रीमिंग ऐप्स
हालांकि, प्रतिबंध केवल उन प्लेटफॉर्म्स पर लागू हो सकता है जो सरकार के नए नियमों और आईटी गाइडलाइन्स का पालन नहीं करेंगे।
नए नियमों में क्या शामिल हो सकता है?
- आपत्तिजनक पोस्ट हटाने की समय सीमा तय
- फेक न्यूज पर सख्त कार्रवाई
- ग्रेविएंस ऑफिसर की नियुक्ति अनिवार्य
- यूजर डेटा की सुरक्षा से जुड़े प्रावधान
सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का बढ़ता प्रभाव समाज और राजनीति पर सीधा असर डालता है। ऐसे में गलत सूचना और भ्रामक कंटेंट पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम जरूरी हैं।
पूरी तरह प्रतिबंध तभी लगाया जा सकता है जब कोई प्लेटफॉर्म लगातार नियमों का उल्लंघन करे और सुधार के निर्देशों का पालन न करे। आमतौर पर पहले चेतावनी, फिर जुर्माना और उसके बाद कड़ी कार्रवाई की जाती है।
निष्कर्ष
Social Media New Rules का उद्देश्य डिजिटल स्पेस को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाना है। प्लेटफॉर्म्स को पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ानी होगी, वरना कार्रवाई संभव है। यूजर्स को भी नियमों का पालन करते हुए जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का उपयोग करना चाहिए।